आदिवासी विकास विभाग कार्यालय की कुर्की का वारंट

अदालती दस्तावेजों के अनुसार यह कार्रवाई इसलिये महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2024 में मुआवजा अधिनिर्णय पारित होने के बाद भी..

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सड़क दुर्घटना में मृत महेतर ध्रुव के परिजनों को मुआवजा नहीं मिलने पर कार्रवाई, ₹13.14 लाख की वसूली के लिये जारी हुआ आदेश

किरीट ठक्कर, गरियाबंद। मोटर दुर्घटना से जुड़े एक मुआवजा प्रकरण में न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर गरियाबंद स्थित सहायक आयुक्त,आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय की चल संपत्ति की कुर्की के लिये वारंट जारी किया गया है। अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण,गरियाबंद द्वारा जारी आदेश में डिक्री की राशि ब्याज एवं वाद व्यय सहित ₹13 लाख 14 हजार 564 बताई गई है।

मामला दावा प्रकरण क्रमांक 06/2022, पार्वती ध्रुव वगैरह विरुद्ध सत्येन्द्र कुमार गंगासागर वगैरह से संबंधित है। न्यायालय ने 9 अगस्त 2024 को पारित अधिनिर्णय में अनावेदकगण को आवेदकगण के पक्ष में ₹9,71,312 क्षतिपूर्ति राशि अदा करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही दावा प्रस्तुत करने की तिथि से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी आदेश था।

22 नवंबर 2022 को हुई थी दुर्घटना

अदालती निर्णय में दर्ज तथ्यों के अनुसार, 22 नवंबर 2022 को दोपहर करीब 2.30 बजे महेतर ध्रुव अपनी पत्नी के साथ गरियाबंद बाजार आया था। जनपद पंचायत गरियाबंद के सामने सब्जी लेकर पैदल सड़क पार करते समय कलेक्टर कार्यालय की ओर से आ रहे वाहन क्रमांक CG-02-G-5316 के चालक द्वारा वाहन को तेज एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुये महेतर ध्रुव को टक्कर मार दी गई।

दुर्घटना में महेतर ध्रुव को गंभीर एवं संघातिक चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिये शासकीय अस्पताल गरियाबंद में भर्ती कराया गया,जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में थाना गरियाबंद में अपराध क्रमांक 317/2021,धारा 279 एवं 304ए भादंवि के तहत अपराध दर्ज किये जाने का उल्लेख न्यायालय के निर्णय में है।

परिवार की आय का आधार थे महेतर ध्रुव

अदालती रिकॉर्ड के अनुसार मृतक महेतर ध्रुव की उम्र करीब 50-55 वर्ष थी और वे कृषि मजदूरी का कार्य करते थे। इससे उन्हें लगभग ₹15 हजार प्रतिमाह आय होती थी, जिससे वे स्वयं तथा अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु के कारण पत्नी, पुत्र, बहू तथा नाती-नातिन को आर्थिक क्षति के साथ पारिवारिक संरक्षण से भी वंचित होना पड़ा।

न्यायालय ने प्रकरण में ₹9,71,312 की क्षतिपूर्ति निर्धारित की। आदेश में राशि का एक हिस्सा मृतक की पत्नी पार्वती ध्रुव को ₹2 लाख,पुत्र टिकेश कुमार ध्रुव को ₹50 हजार तथा बहू धनैश्वरी ध्रुव को ₹50 हजार देने सहित अन्य आश्रितों के लिए राशि सुरक्षित जमा किये जाने के निर्देश दिये गये थे।

भुगतान नहीं होने पर अब कुर्की वारंट

अदालती आदेश के अनुसार निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं होने पर डिक्रीदार पक्ष द्वारा निष्पादन की कार्रवाई शुरू की गई। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत गणना में ₹9,71,312 मूल राशि, ₹3,42,387 ब्याज तथा ₹1,045 वाद व्यय, कुल ₹13,14,564 की राशि दर्शाई गई है।

इसी राशि की वसूली के लिये न्यायालय ने सिविल प्रोसीजर कोड, 1908 के आदेश 21, नियम 30 के तहत मनकूल जायदाद अर्थात चल संपत्ति की कुर्की का वारंट जारी किया है। आदेश में संबंधित संपत्ति की कुर्की कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
मामले में अनावेदक पक्ष में आयुक्त,आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, रायपुर तथा सहायक आयुक्त,आदिवासी विकास विभाग,गरियाबंद का भी उल्लेख है। इसी क्रम में गरियाबंद स्थित सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय से संबंधित कुर्की की कार्रवाई का आदेश सामने आया है।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार यह कार्रवाई इसलिये महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2024 में मुआवजा अधिनिर्णय पारित होने के बाद भी निर्धारित राशि का भुगतान नहीं हुआ और अंततः डिक्री की रकम की वसूली के लिये न्यायालय को कुर्की वारंट जारी करना पड़ा।

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