गरियाबंद। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिये 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी इस बार कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लगातार सुर्खियों में है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधक और ऑपरेटरों के हड़ताल पर चले जाने से कई केंद्रों में खरीदी का काम ठप हो गया है।

इसी कड़ी में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बारूला के धान उपार्जन केन्द्र में भी प्रबंधक प्रमोद कुमार यादव की अनुपस्थिति ने स्थिति बिगाड़ दी। सहकारिता विभाग की सहायक आयुक्त सुश्री महेश्वरी तिवारी ने बताया कि 17 नवंबर को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर द्वारा किये गये औचक निरीक्षण में प्रबंधक यादव नदारद मिले। लगातार पत्राचार, समझाइश और सुनवाई का मौका दिए जाने के बाद भी वे वापस ड्यूटी पर नहीं लौटे।
धान खरीदी जैसे जनहित के महत्वपूर्ण कार्य में बाधा आने और आवश्यक सेवा संधारण अधिनियम 1979 लागू होने के बावजूद कार्य से इंकार करने पर अशासकीय प्राधिकृत अधिकारी द्वारा सेवा नियम की कंडिका 16 के तहत प्रमोद कुमार यादव की सेवा समाप्त कर दी गई है।
जिले में किसानों की सुविधा और सुचारु खरीदी व्यवस्था बनाये रखने प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है, ताकि आगे किसी केंद्र में धान खरीदी प्रभावित न हो।







