धान शार्टेज के नाम पर करोड़ों की गड़बड़ी : 5 करोड़ 71लाख का घोटाला

धान शार्टेज के नाम करोडों की गड़बड़ी

धान संग्रहण केंद्र बागबाहरा

महासमुंद। जिले के बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में वर्ष 2024 – 25 में धान शॉर्टेज के नाम पर करोड़ों की गड़बड़ी सामने आयी है । बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में धान की प्राप्त मात्रा और प्रदाय मात्रा में बड़े आंकड़ों का अंतर के एक बड़े भ्र्रष्टाचार को इंगित करता है।

एक जानकारी के अनुसार धान के इस घोटाले को अंजाम देने के लिये संग्रहण केंद्र प्रभारी ने लगभग 3.65 प्रतिशत तक की कमी दिखाकर शासन को लगभग 5 करोड़ 71 लाख रुपये के घोटाले को अंजाम दिया है ।

धान संग्रहण केंद्र बागबहारा

प्रशासन द्वारा धान संग्रहण केंद्र में धान को सुरक्षित रखने के लिये संग्रहण केंद्र में मार्कफेड द्वारा कर्मचारी तैनात किया जाता है, लाखों रुपये का परिवहन भाड़ा, हमाली सहित धान को सुरक्षित रखने अन्य सुरक्षा के सामान भी दिये जाते है, ताकि संग्रहण केंद्र में धान आने के बाद उस धान की मात्रा में किसी प्रकार की कमी न आने पाये और संग्रहण केंद्र में धान पूरी तरह सुरक्षित रहे।

किन्तु प्रभारियों की चालाकी से प्रतिवर्ष संग्रहण केंद्र से करोड़ों रुपये के धान गायब हो जाते है । संग्रहण केंद्र में धान की मात्रा में शार्टेज के लिये कीट पतंगों, चूहों और जानवरों के साथ साथ मौसम का हवाला भी दिया जाता है, ताकि बड़ी चालाकी से धान घोटाले को अंजाम दिया जा सके।

बता दें की बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में सत्र 2024/25 में, समितियों से 1,26,3,644 ( एक करोड़ 26 लाख तीन हजार, छह सौ चौवालीस) बोरा धान की आवक समितियों से प्राप्त हुई थी, जिसका कुल वजन 498193 क्विंटल 38 किलोग्राम था।

बताते हैं कि संग्रहण केंद्र प्रभारी द्वारा 8601 क्विंटल धान का सीपेज के साथ 18433 क्विंटल 15 किलोग्राम का शार्टेज दिखाकर लगभग 5 करोड़ 71 लाख रुपये के धान का घोटाला कर दिया गया। एक औसत की बात करे तो समिति प्रभारी द्वारा लगभग 3.65 प्रतिशत की कमी दर्शाई।

विदित हो कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव के द्वारा 12 दिसंबर 2025 को एक पत्र जारी किया गया है,जिसके अनुसार धान संग्रहण केंद्र में 1 प्रतिशत की कमी पर केंद्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी जाएगा, 1% से 2 % प्रतिशत की कमी आने पर केंद्र प्रभारियों पर विभागीय जांच की जायेगी, वही 2% से अधिक की कमी आने पर केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध त्वरित निलंबन की कार्यवाही की जायेगी, यदि विभागीय जांच में मामला आपराधिक पाया गया तो, कड़ी कार्यवाही के साथ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किये गये है।

बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में 3.65 प्रतिशत के शॉर्टेज के बाद भी प्रशासन द्वारा अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही न करना प्रभारी के हौसले को बढ़ावा देने जैसा है।

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