“मोर जमीन-मोर खाद” डिजिटल पोर्टल्स के जरिये किसानों को मिलेगा उर्वरक
पोर्टल केवल बड़े या निजी पट्टाधारकों के लिये नहीं है। सरकार ने समावेशी व्यवस्था सुनिश्चित की है जिसके तहत वनाधिकार पत्र प्राप्त किसानों का डेटा भी पोर्टल पर दर्ज होगा। जो किसान दूसरों की जमीन पर रेगहा-अधिया खेती..
